जनवरी 9, 2026 10:33 पूर्वाह्न

printer

तमिलनाडु: केंद्र सरकार ने शुरु की 235 करोड़ रुपये की बंदरगाह अवसंरचना और डिजिटल शासन परियोजना

केंद्र सरकार ने तमिलनाडु में  235 करोड़ रुपये लागत की बंदरगाह अवसंरचना और डिजिटल शासन परियोजनाओं की शुरुआत की है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य की समुद्री क्षमता को मजबूत करना और भारत की समुद्र आधारित विकास रणनीति को आगे बढ़ाना है। केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कल चेन्नई में “विकसित भारत, विकसित बंदरगाह” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इन परियोजनाओं का शुभारंभ किया।

उन्होंने कहा कि ये पहलें जलवायु परिवर्तन के अनुकूल, डिजिटल रूप से सक्षम और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बंदरगाहों के निर्माण पर सरकार के केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती हैं, साथ ही सुरक्षा और सुगमता से व्यापार करने में सुधार करती हैं। श्री सोनोवाल ने कहा कि ये सुधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जिसने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के व्यापक लक्ष्यों के अंतर्गत बंदरगाह आधुनिकीकरण, तटीय लचीलापन और व्यापार सुगमता को प्राथमिकता दी है।

कुल परिव्यय में से 129 करोड़ 36 लाख रुपये चेन्नई बंदरगाह प्राधिकरण की परियोजनाओं के लिए और 105 करोड़ 64 लाख रुपये कामराजर पत्‍तन लिमिटेड की पहलों के लिए आवंटित किए गए हैं। चेन्नई बंदरगाह पर श्री सोनोवाल ने तीन परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जो सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा और सार्वजनिक सेवा वितरण पर केंद्रित हैं।

इनमें जलवायु-प्रतिरोधी डिज़ाइन का उपयोग करते हुए 850 मीटर के तटबंध की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण, तेल उद्योग सुरक्षा निदेशालय -ओ.आई.एस.डी. के सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए तेल डॉक क्षेत्र में एक नए अग्निशमन पंप हाउस का निर्माण शामिल है। इसके अलावा चिकित्सा सुविधाओं को उन्नत करने के लिए चेन्नई बंदरगाह अस्पताल का आधुनिकीकरण भी होगा। कामराजर बंदरगाह पर केंद्रीय मंत्री ने उत्तरी बंदरगाह पहुंच मार्ग को जोड़ने वाली एक नई सीमा दीवार की आधारशिला रखी।

एक राष्ट्र-एक बंदरगाह प्रक्रिया के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी व्यापार सुविधा पहल के भाग के रूप में, श्री सोनोवाल ने ई-पोर्ट क्लीयरेंस पोर्टल का शुभारंभ किया, जिससे अग्रिम क्लीयरेंस सहित पोर्ट क्लीयरेंस प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन जमा करना और जारी करना संभव हो गया है। इस पोर्टल से देश भर में समुद्री संचालन के लिए लगने वाले समय में कमी आने के साथ ही पूर्वानुमान में सुधार होने की उम्‍मीद है।

सर्वाधिक पठित
सम्पूर्ण जानकारी arrow-right

कोई पोस्ट नहीं मिला