सुप्रसिद्ध लेखिका और यात्रा-वृत्तांतकार डॉ. मीना प्रभु का आज पुणे में निधन हो गया। वे 85 वर्ष की थीं। सुश्री प्रभु की यात्रा-वृत्तांत विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई। उनकी पहली यात्रा-वृत्तांत पुस्तक माझा लंदन थी।
डॉ. मीना प्रभु को अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें महाराष्ट्र साहित्य परिषद लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार भी शामिल है।