प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि किसान, राष्ट्र निर्माण में सशक्त भागीदार हैं और उनके प्रयासों से आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, किसानों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए अथक प्रयास कर रही है। श्री मोदी ने आज सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल समारोह में कहा कि पोंगल पर्व, जीवंत तमिल संस्कृति और प्रकृति के साथ जुड़ाव का उत्सव है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि पोंगल प्रकृति, परिवार और समाज के साथ संतुलन स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करता है। श्री मोदी ने कहा कि पोंगल अब एक वैश्विक त्योहार बन गया है और यह किसानों की मेहनत के सम्मान का सूचक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व धरती और सूर्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि इस समय देश के अन्य क्षेत्र भी लोहड़ी, मकर संक्रांति, माघ बिहू और पोंगल जैसे त्योहारों के उल्लास में झूम रहे हैं। यह, एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को और मजबूत करता हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पोंगल, लोगों को प्रकृति के लिए कृतज्ञता को जीवन शैली के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का दायित्व, जनता का दायित्व है। उन्होंने भविष्य में मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने, जल संरक्षण और संसाधनों का उचित उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मिशन लाइफ, एक पेड़ मां के नाम और अमृत सरोवर जैसी पहल, इसी भावना को बढ़ावा देती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तमिल संस्कृति समूचे देश और मानवता की साझा विरासत है। उन्होंने कहा कि तमिल संस्कृति में किसानों को जीवन का आधार माना जाता है। श्री मोदी ने कहा कि तमिल संस्कृति, विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है और यह शताब्दियों को आपस में जोड़ती है, इतिहास से सीखती है और वर्तमान को भविष्य की ओर ले जाती है। श्री मोदी ने कहा कि तमिल संस्कृति से प्रेरित होकर भारत अपनी विरासत से शक्ति प्राप्त करता है और नई संभावनाओं की ओर प्रशस्त होता है।