सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर देश के संकल्प और संयम का एक निर्णायक प्रदर्शन था, जो सशस्त्र बलों की नैतिक शक्ति और पेशेवर उत्कृष्टता को दर्शाता है। जनरल द्विवेदी ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय कैडेट कोर – एनसीसी गणतंत्र दिवस परेड शिविर को संबोधित करते हुए यह बात कही।
सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश भर में 75 हजार से अधिक एनसीसी कैडेटों ने स्वेच्छा से भाग लिया और नागरिक सुरक्षा, अस्पताल प्रबंधन, आपदा राहत और सामुदायिक सेवाओं में अथक परिश्रम किया। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट एकता और अनुशासन के आदर्श वाक्य का उदाहरण हैं।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि विकसित भारत 2047 के विजन को युवा नेताओं, एनसीसी कैडेटों, नवप्रवर्तकों, शिक्षकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, सैनिकों और जिम्मेदार नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए, अनुशासन के साथ चलना चाहिए, ईमानदारी के साथ नवाचार करना चाहिए और देश की सेवा करनी चाहिए।