प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपने सैन्य और संवैधानिक ढांचे में तेज़ी से बदलाव कर संघर्ष के दौरान की अपनी गंभीर कमियों को स्वीकार लिया है। कल पुणे लोक नीति समारोह में उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अप्रैल के आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को संवैधानिक संशोधन करने के लिए मजबूर किया। जनरल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में अभी केवल विराम आया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने संविधान के अनुच्छेद 243 में संशोधन कर ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष पद को समाप्त कर उसकी जगह चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज के पद का सृजन किया है। इससे अधिकतर शक्तियां एक ही व्यक्ति में सिमट कर रह गई हैं।
जनरल चौहान ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल अब डेटा-आधारित युद्ध-कौशल पर ध्यान दे रहे हैं क्योंकि यांत्रिक मेधा भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य के संघर्षों में एआई-चालित ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।