नवम्बर 12, 2025 8:46 अपराह्न

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बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में किसी केन्‍द्र पर पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं की गई :निर्वाचन आयोग

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि बिहार में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में किसी केन्‍द्र पर पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं की गई है क्योंकि जाँच के बाद किसी भी मतदान केंद्र पर कोई विसंगति या कदाचार नहीं पाया गया। आयोग ने एक बयान में कहा है कि राज्य में चुनावों के इतिहास में यह पहली बार है जब कहीं से भी पुर्नमतदान की सिफारिश नहीं की गई है। आयोग ने कहा कि दूसरे चरण में सभी 122 विधानसभा क्षेत्रों में 122 चुनाव अधिकारियों और सामान्य पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में दस्तावेजों की जाँच सुचारू रूप से की गई। लगभग 460 उम्मीदवारों या उनके एजेंटों ने भी जाँच प्रक्रिया में भाग लिया। आयोग ने कहा कि पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई और जाँच के बाद फॉर्म 17ए और संबंधित सामग्री को चुनाव अधिकारी की मुहर के साथ फिर से सील कर दिया गया।

 बिहार विधानसभा चुनाव कल 67 दशमलव एक-तीन प्रतिशत के ऐतिहासिक अधिकतम मतदान के साथ संपन्न हुए। यह 1951 के बाद से राज्य में अब तक का सबसे अधिक मतदान है। पुरुष मतदाताओं के बीच मतदान 62 दशमलव नौ-आठ प्रतिशत और महिला मतदाताओं के बीच 71 दशमलव सात-आठ प्रतिशत रहा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ सभी 90 हजार 740 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग सुविधा के माध्यम से चुनाव कार्यवाही पर कड़ी नजर रखी।

 इस वर्ष मार्च से चुनाव आयोग ने बिहार पर केंद्रित 17 पहलों सहित कई पहल की हैं। इन पहलों का उद्देश्य मतदाता सुविधा में सुधार, मतदान कर्मियों का संरचित प्रशिक्षण, संवैधानिक और कानूनी ढांचे पर आधारित प्रौद्योगिकी संचालित प्रक्रियाएं शामिल हैं।