राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण- एनबीए ने लाल चंदन के संरक्षण और सुरक्षा के लिए ओडिशा वन विभाग को उनतीस लाख रुपये से अधिक की धनराशि जारी की है।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बताया कि यह धनराशि ओडिशा के पारलाखेमुंडी वन प्रभाग से प्राप्त लाल चंदन की लकड़ियों के उपयोग से प्राप्त लाभ-साझाकरण से प्राप्त हुई है। लाल चंदन अत्यधिक मूल्यवान लकड़ी है। इसका उपयोग फर्नीचर, संगीत वाद्ययंत्र और सौंदर्य प्रसाधन बनाने तथा घरेलू स्तर पर पारंपरिक औषधियों के लिए किया जाता है।
इस पहल का उद्देश्य भारत के अद्वितीय जैविक संसाधनों के लगातार उपयोग और संरक्षण को बढ़ावा देना है। यह धनराशि राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण की राष्ट्रव्यापी संरक्षण प्रयासों का समर्थन करने और लाभ साझाकरण संवितरण की एक श्रृंखला का हिस्सा है।
मंत्रालय ने कहा कि अब तक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु को लाल चंदन संरक्षण और संबंधित अनुसंधान परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की जा चुकी है। इस धनराशि के साथ ओडिशा लाल चंदन के व्यावसायिक उपयोग के लिए धनराशि प्राप्त करने वाला चौथा राज्य बन गया है।