मार्च 5, 2025 6:16 अपराह्न

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दशकों के बाद महत्‍वपूर्ण परिवर्तन से गुजर रही है भारत की शिक्षा-प्रणालीः प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि सरकार ने निवेश में बुनियादी ढांचे और उद्योगों के समान ही लोगों, अर्थव्‍यवस्‍था और नवाचार को भी प्राथमिकता दी है। रोजगार के बारे में बजट के बाद एक वे‍बिनार को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि लोगों में निवेश का लक्ष्‍य तीन स्‍तंभों- शिक्षा, कौशल और स्‍वास्‍थ्‍य सेवा पर आधारित है।

 

    उन्‍होंने कहा कि कई दशकों के बाद भारत की शिक्षा प्रणाली महत्‍वपूर्ण परिवर्तन से गुजर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि टेलीमेडिसिन की सुविधा का विस्‍तार सभी प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों तक किया जा रहा है।

 

उन्‍होंने कहा कि डे केयर कैंसर केन्‍द्रों और डिजिटल स्‍वास्‍थ्‍य सेवा बुनियादी ढांचे के माध्‍यम से सरकार गुणवत्‍तापूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य सेवा अंतिम छोर तक ले जाना चाहती है। उन्‍होंने कहा कि घरेलू और अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई निर्णय किये गये हैं।

 

    श्री मोदी ने कहा कि भारत एआई क्षमताओं को विकसित करने के लिए विस्‍तृत राष्‍ट्रीय लैंग्‍वेज मॉडल स्‍थापित करेगा। उन्‍होंने कहा कि इस दिशा में निजी क्षेत्र को भी विश्‍व में एक कदम आगे बढ़ाना होगा।

 

श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने बजट में स्टार्टअप्स को बढावा देने के लिए कई कदम उठाये हैं। उन्‍होंने कहा कि अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्‍साहन देने के लिए एक लाख करोड रुपये का समग्र कोष स्‍थापित किया है। उन्‍होंने कहा कि इससे उच्‍च तकनीकि स्‍टार्टअप्‍स के लिए एक समर्पित कोष के जरिए उभरते हुए क्षेत्रों में निवेश बढाने में मदद मिलेगी।

 

    भारत की समृद्धि पांडुलिपि विरासत के संरक्षण में ज्ञान भारतम् मिशन के महत्‍व को रेखांकित करते हुए श्री मोदी ने घोषणा की कि इसके अन्‍तर्गत एक करोड पांडुलिपियों का डिजिटीकरण किया जायेगा।

 

इससे राष्‍ट्रीय डिजिटल भण्‍डार का निर्माण होगा। उन्‍होंने कहा कि इस भण्‍डार से विश्‍व भर के अ‍ध्‍येताओं और अनुसंधानकर्ताओं को भारत के ऐतिहासिक और परंपरागत ज्ञान तथा बुद्धिमत्ता तक पहुंच कायम करने में मदद मिलेगी।

 

    प्रधानमंत्री ने भारत के पादप आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण के लिए राष्‍ट्रीय जीन बैंक बनाने की भी घोषणा की ताकि भावी पीढ़ियों के लिए आनुवंशिक संसाधन और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

 

    श्री मोदी ने एक लाख करोड रुपये का शहरी चुनौती कोष स्‍थापित करने की भी घोषणा की जिसका लक्ष्‍य सुशासन, बुनियादी ढांचे और वित्‍तीय स्थिरता पर ध्‍यान केन्द्रित करना तथा निजी निवेश को बढ़ावा देना है।