सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि पूरी दुनिया भारत को एक विश्वसनीय और मूल्यवान भागीदार के साथ ही एक जीवंत लोकतंत्र तथा समावेशी विकास पर केंद्रित देश के रूप में देख रही है। स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच के कार्यक्रम से इतर मीडिया चैनल को दिए साक्षात्कार में श्री वैष्णव ने कहा कि लोग भारत पर एक ऐसे देश के रूप में भरोसा करते हैं जिसके साथ वे सह-निर्माण और नई प्रौद्योगिकियों का सह-विकास कर सकते हैं।
श्री वैष्णव ने बताया कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंश-एआई के सभी पांच स्तरों पर काम कर रहा है जिनमें एआई आर्किटेक्चर, अनुप्रयोग, मॉडल, चिप, बुनियादी ढांचा और ऊर्जा शामिल हैं। अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि एआई में अपार क्षमताएं हैं, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं। श्री वैष्णव ने इस बात पर बल दिया कि इन नुकसानों को नियंत्रित करने के लिए उचित सुरक्षा उपाय किये जाने चाहिए।
श्री वैष्णव ने कहा कि सरकार द्वारा अनुमोदित दस सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण संयंत्रों में से चार संयंत्रों ने हाल के महीनों में पायलट उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है और पहले खंड का निर्माण इस वर्ष दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। श्री वैष्णव ने बताया कि सूरत से बिलिमोरा तक चलने वाला पहला खंड अगस्त 2027 में खोल दिया जाएगा।
श्री वैष्णव ने कहा कि देश में उपलब्ध खनिजों को उपयोगी उत्पादों में बदलने के लिए बहुत अधिक शोधन और प्रसंस्करण की आवश्यकता होती है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि आज भारत का सहयोग जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, पूरे यूरोप और अब अमेरिका के साथ है।
एक अन्य साक्षात्कार में श्री वैष्णव ने इस बात पर बल दिया कि भारत आज सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और इसकी वृद्धि दर बहुत स्थिर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दशक में मध्यम मुद्रास्फीति और उच्च विकास दर के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था को रूपांतरित किया है। श्री वैष्णव ने कहा कि श्रम संहिता, जीएसटी और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार सहित हर क्षेत्र में गहन सुधार हुए हैं। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक, भू-आर्थिक और भू-तकनीकी परिदृश्यों में उथल-पुथल भरे इस वातावरण में भारत को लचीला होना होगा।