केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए राजस्थान और पंजाब सरकारों के कार्यों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह इस तरह की समीक्षाओं की श्रृंखला में पांचवीं बैठक थी। श्री यादव ने कहा कि इस महीने से कार्य योजनाओं की समीक्षा हर महीने मंत्रिस्तरीय होगी। उन्होंने क्षेत्रवार लक्षित कार्य योजनाएं बनाने और संबंधित विभागों पर कार्यान्वयन की स्पष्ट जिम्मेदारी तय करने की आवश्यकता पर बल दिया।
पर्यावरण मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि केन्द्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि उच्चतम स्तर पर नियमित अंतर-राज्यीय समन्वय बैठकों के माध्यम से कार्यान्वयन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर किया जाएगा।
राजस्थान की विस्तृत कार्य योजना की समीक्षा करते हुए श्री यादव ने अलवर, भिवाड़ी, नीमराना और भरतपुर में सार्वजनिक परिवहन की कमियों को दूर करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए और समय-सीमा के साथ एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना चाहिए। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के किनारे भी मिशन मोड में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाया जाएगा।
श्री यादव ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन की सभी मशीनों की कार्यशील स्थिति सुनिश्चित कर उनका कुशलतापूर्वक उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कृषि मंत्रालय से हितधारकों और वैज्ञानिक समुदाय के परामर्श से फसल अवशेषों के प्रभावी प्रबंधन और पराली जलाने की रोकथाम के लिए नवीन उपायों पर विचार-विमर्श करने का अनुरोध किया।
Site Admin | जनवरी 6, 2026 9:09 अपराह्न | Environment Minister Bhupender Yadav
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सार्वजनिक परिवहन की कमियों को दूर करने पर जोर दिया