केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के मजबूत नेटवर्क के कारण देश किसी भी वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने में सक्षम है। इस नेटवर्क में 32 करोड़ लोग शामिल हैं। भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान के ‘सहकारी चिंतन शिविर’ में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सहकारी समितियां न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देती हैं, बल्कि लोकतांत्रिक सशक्तिकरण को भी प्रोत्साहित करती हैं। श्री यादव ने कहा कि सहकारी क्षेत्र सामाजिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।