मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि बूथ स्तरीय अधिकारी, देश में चुनाव आधारित लोकतांत्रिक व्यवस्था के स्तंभ हैं। नई दिल्ली में आज आयोजित भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री कुमार ने कहा कि भारत, लोकतंत्र की जननी है और प्रत्येक पात्र मतदाता को शामिल करते हुए निष्पक्ष मतदाता सूची बनाए रखना लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
श्री कुमार ने प्रतिनिधियों को भारत में ऐतिहासिक लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्व बताते हुए 600 ईसा पूर्व बनाए गए अशोक स्तंभ की भावना को समझने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की पृष्ठभूमि में अथर्ववेद का एक संस्कृत श्लोक भी है। यह हजारों वर्ष पुराना है। इस श्लोक में ग्राम समितियों का वर्णन है।
श्री कुमार ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में चुनाव प्रबंधन निकायों के संचालन में महत्वपूर्ण विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में चालीस से अधिक चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रतिनिधि और सत्तर से अधिक राष्ट्रीय संस्थानों के विद्वान, विशेषज्ञ तथा विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
तीन दिन का यह सम्मेलन लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन की दिशा में भारत द्वारा आयोजित सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन है। विश्व के 70 से अधिक देशों के लगभग एक सौ प्रतिनिधि, इसमें भाग ले रहे हैं। निर्वाचन आयोग, वैश्विक स्तर पर चुनाव संबंधी चुनौतियों और उनके समाधान खोजने पर आधारित चालीस से अधिक द्विपक्षीय सत्रों में भाग लेगा। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी तथा अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनावी सहायता संस्थान के महासचिव डॉ. केविन कैसास-ज़मोरा ने भी भाग लिया।