सिक्स जी के अनुसंधान और विकास तंत्र को मजबूत करने के लिए देशभर में सौ फाइव जी प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। दूरसंचार सचिव और डिजिटल संचार आयोग के अध्यक्ष डॉ० नीरज मित्तल ने आज नई दिल्ली में बताया कि दूरसंचार अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का प्रमुख माध्यम बन गया है और विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी के विकास में सहयोग करता है। उन्होंने कहा कि भारत ने सिक्स जी गठबंधन पहल के अंतर्गत वैश्विक सिक्स जी, संगठनों के साथ अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के दस समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं और लक्ष्य है कि 2030 तक दुनियाभर के दस प्रतिशत सिक्स जी पेटेंट भारत के पास होंगे। डॉ मित्तल आज नई दिल्ली में भारत मण्डपम में उभरते विज्ञान प्रौद्योगिका और नवाचार सम्मेलन-2025 को सम्बोधित कर रहे थे।
वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद ने सम्मेलन में तकनीकी सत्र का अयोजन किया जिसमें उन्नत पदार्थ और विनिर्माण के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को उजागर किया गया। सत्र को सम्बोधित करते हुये परिषद की महानिदेशक डॉ० एन कलाईसेलवी ने कहा कि सम्मेलन में उन्नत प्रौद्योगिकीयों और ज्ञान संचालित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण विचारों का आदान-प्रदान होगा। इस सम्मेलन का इस महीने की तीन तारीख को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उद्घाटन किया था। भारत को ज्ञान संचालित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में यह सम्मेलन शोधकर्ताओं, उद्योग जगत के प्रमुखों और नीति निर्धारकों के सहयोग और प्रयासों का मंच है।