स्विटजरलैंड के दावोस शहर में कल से ‘विश्व आर्थिक मंच’ सम्मेलन की शुरुआत होगी। यह सम्मेलन 23 जनवरी तक चलेगा। सम्मेलन को लेकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। विश्वभर के तीन हजार से अधिक नेताओं के आगमन के लिए अधिकारियों ने पांच हजार से अधिक सैनिक, शूटर, ए आई सुसज्जित ड्रोन, हवाई प्रतिबंध तथा जासूस रोधी प्रणाली की तैनाती की है। बैठक में भाग लेने वालों में चार सौ से अधिक राजनेता, अनेकों राष्ट्राध्यक्ष, शीर्ष मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख तथा 500 से अधिक पत्रकार शामिल हैं।
विश्व आर्थिक मंच, स्विस सरकार तथा स्थानीय अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में करीब 90 लाख स्विस फ्रैंक व्यय होने का अनुमान है।
तैयारियों के साथ ही लगभग 600 एक्टिविस्ट दावोस पहुंच रहे हैं जो स्ट्राइक डब्ल्यू ई एफ के आह्वान पर दो दिन का विरोध प्रदर्शन करेंगे।
विश्व आर्थिक मंच की मुख्य विषय वस्तु-ए स्पिरिट ऑफ डॉयलॉग है। इसका नेतृत्व अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप करेंगे। श्री ट्रंप सबसे बड़े अमरीकी प्रतिनिधिमंडल के साथ सम्मेलन में शामिल रहेंगे। इसके अलावा सम्मेलन में राष्ट्र या सरकारों के 64 से अधिक प्रमुख, जी-7 देशों के नेता, चीन और पाकिस्तान के नेताओं के भी भाग लेने की उम्मीद है।
भारत की भी सम्मेलन में मजबूत उपस्थिति रहेगी। कई केन्द्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और एक 100 से अधिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्व आर्थिक मंच के सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतेरश, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख क्रिस्टालिना जोर्जिवा और विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा युक्रेन और गाजा सहित विश्व की प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।