गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारत केवल स्वदेशी और स्वभाषा के मंत्र को अपनाकर ही स्वावलंबी बन सकता है। राजस्थान के जोधपुर में एक आयोजन एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए श्री शाह ने लोगों से स्थानीय उत्पाद निर्मित करने और अपनाने तथा घर में मातृ भाषा में बातचीत करने का आग्रह किया। श्री शाह ने कहा कि भाषा समाज, संस्कृति और धर्म के संरक्षण का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि विश्व में प्रगति के लिए जहां कोई भी भाषा सीखी और बोली जा सकती है, वहीं घर में बच्चों के साथ बातचीत के लिए स्थानीय भाषा अपनानी चाहिए। यह प्रयास जड़ से सम्पर्क बनाए रखने में मदद करेगा। आत्मनिर्भर भारत के लिए काम करने का आग्रह करते हुए श्री शाह ने 2047 तक भारत को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनाने के लिये स्वदेशी के महत्व पर बल दिया।