जनवरी 19, 2026 9:07 अपराह्न

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सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल में विसंगतियों वाली मतदाता सूची को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया

सर्वोच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के दौरान, तार्किक विसंगतियों की सूची में शामिल मतदाताओं के नाम प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है। न्यायालय विशेष गहन पुनरीक्षण में मनमानी और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित याचिकाओं पर आज सुनवाई कर रहा था।

मुख्य न्यायाधीश न्‍यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने राज्य में एक करोड़ पच्चीस लाख मतदाताओं के तार्किक विसंगतियों की सूची में शामिल होने का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान से प्रभावित होने वाले लोगों को अपने दस्तावेज और आपत्तियां प्रस्तुत करने की अनुमति दी जानी चाहिए। पीठ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में यह प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और इससे किसी को असुविधा नहीं होनी चाहिए। न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को ग्राम पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में तार्किक विसंगतियों की सूची में शामिल लोगों के नाम प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया।

न्‍यायालय ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक को कानून-व्यवस्था और सभी गतिविधियां सुचारू रूप से पूरी करने का निर्देश दिया।

वर्ष 2002 की मतदाता सूची से संतानों के संबंध में तार्किक विसंगतियों में माता-पिता के नाम का बेमेल होना और मतदाता तथा उनके माता-पिता के बीच आयु का अंतर 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक होना शामिल है।

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