नवम्बर 26, 2024 3:01 अपराह्न

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सार्वजनिक सेवा क्षेत्र को दुरूस्‍त करने के लिए भू-स्‍थानिक आंकड़ों का उपयोग कर रही है सरकार: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा है कि सरकार सार्वजनिक सेवा क्षेत्र को दुरूस्‍त करने के लिए भू-स्‍थानिक आंकड़ों का उपयोग कर रही है। डॉ. सिंह ने नई दिल्‍ली के भारत मंडपम में आज 13वें संयुक्त राष्ट्र वैश्विक भू-स्थानिक सूचना प्रबंधन (जीजीआईएम) एशिया-प्रशांत पूर्णाधिवेशन और क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित करने हुए यह बात कही।

 

 

उन्‍होंने कहा कि भू-स्‍थानिक डेटा और डिजिटल मंचों को अन्‍य डिजिटल शासन प्रणालियों के साथ एकीकृत किया जा रहा है जो बेहतर निर्णय लेने में पारदर्शिता, पहुंच तथा डेटा संचालित जानकारी प्रदान करने में मददगार होगा।

 

उन्‍होंने कहा कि सरकार ने भू-स्‍थानिक क्षेत्र में सुधार करने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार राष्‍ट्रीय भू-स्‍थानिक नीति लेकर आई है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र की भू-स्‍थानिक क्षमताओं को सशक्‍त बनाने के प्रति वचनबद्ध है।

 

 

भारत नई दिल्‍ली के भारत मंडपम में चार दिन के इस सम्‍मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत के 120 प्रतिनिधियों के साथ 30 देशों के 90 अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतिनिधि इस सम्‍मेलन में भागीदारी कर रहे हैं। यह सम्‍मेलन सतत विकास लक्ष्‍यों को हासिल करने के लिए विश्‍व के श्रेष्‍ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान, उभरती भू-स्‍थानिक तकनीकों तथा भू-स्‍थानिक सूचना के प्रयोग को बढाने के प्रति क्षेत्रीय रणनीतियों के कार्यान्‍वयन के लिए एक मुख्‍य मंच प्रदान करेगा।