फ़रवरी 2, 2026 2:22 अपराह्न

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संसद में राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव पर चर्चा; केन्‍द्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने अभिभाषण को उल्‍लेखनीय बताया

संसद के दोनों सदनों के संयुक्‍त सत्र में राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव पर आज लोकसभा में चर्चा शुरू हुई। चर्चा के लिए कुल 18 घंटे निर्धारित है। सदन में धन्‍यवाद प्रस्‍ताव रखते हुए केन्‍द्रीय मंत्री और भाजपा सांसद सर्बानंद सोनोवाल ने राष्‍ट्रपति मुर्मु के अभिभाषण को उल्‍लेखनीय बताया।

उन्‍होंने कहा कि अभिभाषण में देश के भविष्‍य के लिए प्रेरणादायक दृष्टिकोण प्रस्‍तुत किया गया है। उन्‍होंने कहा कि यह सामाजिक न्‍याय, समावेशी विकास और विकसित भारत बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्‍वास और सबका प्रयास का मंत्र केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार के लिए मार्गदर्शक सिद्धान्‍त है।

श्री सोनोवाल ने कहा कि 2014 से पहले कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान देश को नीतिगत गतिरोध, भ्रष्टाचार से ग्रस्त सरकार और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि 2014 में नरेन्‍द्र मोदी सरकार आने के बाद भारत ने तीव्र विकास और चौतरफा प्रगति की राह पकड़ी है। श्री सोनोवाल ने कहा कि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।

उन्होंने कहा कि देश पूरे आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। महामारी, संघर्ष और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान जैसे वैश्विक संकटों के बावजूद भारत अभी भी सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। श्री सोनोवाल ने बताया कि प्रत्‍यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में सीधे 44 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के प्रयासों और कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।