देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि चल रहे संरचनात्मक सुधार स्थिर व्यापक आर्थिक नीतियों के समर्थन से अर्थव्यवस्था में दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता को मज़बूत कर रहे हैं।
जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद-जीडीपी के तिमाही अनुमान जारी होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन, जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने, नई व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था और विनियमन-मुक्ति पहलों सहित ये सुधार दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाते रहेंगे।
श्री नागेश्वरन ने कहा कि स्थिर मुद्रास्फीति, बढ़े हुए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय और निरंतर सुधार गति के साथ, भारत वैश्विक और घरेलू जोखिमों का प्रभावी ढंग से सामना करने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि इन सकारात्मक कारकों के कारण कई एजेंसियों ने भारत के वित्त वर्ष 2026 के जीडीपी विकास अनुमानों को संशोधित किया है।