संयुक्त अरब अमीरात- यू.ए.ई. में भारत के विभिन्न राजनयिक कार्यालयों और सामुदायिक केन्द्रों में बारिश और ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोहों में भाग लिया।
दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास में महा-वाणिज्य दूत जनरल सतीश सिवान ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और कहा कि भारत-यूएई संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की हालिया भारत यात्रा के बाद विशेष रूप से इन सम्बंधों में और मजबूती आई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के सम्बंध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों में निहित हैं जिनमें व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच आदान-प्रदान व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित हुए हैं। श्री सिवान ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया और बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का उल्लेख किया।
अबू धाबी में, भारतीय दूतावास में समारोह आयोजित किए गए। यू.ए.ई. में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की चर्चा की और कहा कि यू.ए.ई. के राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान लिए गए निर्णय रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करेंगे।
गणतंत्र दिवस समारोह 25 जनवरी को दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह के साथ शुरू हुआ, जिसमें यू.ए.ई. के विदेश व्यापार मंत्री थानी अल जेयूदी, भारत के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले और संसद सदस्य शशि थरूर ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत और यू.ए.ई. के राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसे दुबई पुलिस बैंड ने प्रस्तुत किया। इसके बाद भारत की विरासत का जश्न मनाने और वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं।
राजनयिक मिशनों के अलावा, इंडियन एसोसिएशन शारजाह, इंडियन एसोसिएशन अजमान, इंडियन रिलीफ कमेटी रास अल खैमाह, इंडियन एसोसिएशन उम्म अल क्वैन और इंडियन सोशल सेंटर अजमान सहित सामुदायिक संगठनों ने भी संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय समुदाय की एकता को दर्शाते हुए ध्वजारोहण समारोह आयोजित किए।