फ़रवरी 2, 2026 10:50 पूर्वाह्न

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने केंद्रीय बजट 2026-27 में विनिर्माण, अवसंरचना और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया

वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कल ससंद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें विनिर्माण, अवसंरचना और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है। इस साल बजट में कर की सरल प्रणाली और सीमा शुल्क व्यवस्था का प्रस्ताव रखा गया है। अपने लगातार नौवें बजट में श्रीमती सीतारामन ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच विकास को बनाए रखने के लिए बहुआयामी रणनीति प्रस्तुत की, जिसमें घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षमताओं का विस्तार, अवसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं के जोखिम को कम करना, उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए देश के युवाओं को कौशल प्रदान करना तथा करदाताओं और आयातकों के लिए अनुपालन को आसान बनाना शामिल है।

बजट में भारत के विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स घटकों के विनिर्माण के लिए आवंटन को बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया, जबकि दुर्लभ पृथ्वी चुंबक, रासायनिक पार्क, कंटेनर निर्माण और पूंजीगत वस्तुओं के लिए नई योजनाओं का उद्देश्य आयात पर निर्भरता को कम करना और घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना है। वस्त्र उद्योग को फाइबर, क्लस्टर, कौशल विकास और स्थिरता को कवर करने वाला एक एकीकृत, रोजगारोन्मुखी पैकेज का भी प्रस्‍ताव रखा ग है।

पूंजीगत व्यय में वृद्धि और निजी विकासकर्ताओं के लिए परियोजनाओं के जोखिम को कम करने के लिए जोखिम गारंटी कोष, नए समर्पित माल ढुलाई गलियारे और राष्ट्रीय जलमार्ग जैसी पहलों से अवसंरचना को बढ़ावा मिला है। राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए श्रीमती सीतारामन ने कहा कि उम्मीद है कि 2026-27 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.3 प्रतिशत रहेगा, जो चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 4.4 प्रतिशत से कम है। सुधार-संबंधी निधि द्वारा समर्थित नगर आर्थिक क्षेत्रों के माध्यम से द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों को शहरी विकास के केंद्र में रखा गया है।

बजट में रोजगार सृजन के एक प्रमुख स्रोत के रूप में सेवा अर्थव्यवस्था पर नए सिरे से जोर दिया गया है। एक उच्च-शक्ति प्राप्त शिक्षा-से-रोजगार और उद्यम समिति उभरती प्रौद्योगिकियों के प्रभाव सहित बाजार की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास को पुनर्गठित करेगी। स्कूलों और कॉलेजों में ए.वी.जी.सी.  प्रयोगशालाओं, एनिमेशन, गेमिंग और कॉमिक्स के लिए समर्थन और डिज़ाइन तथा आतिथ्य सत्कार के लिए नई संस्थागत क्षमता के माध्यम से सामग्री निर्माण और रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा मिलता है। पर्यटन से जुड़े कौशल विकास, गाइडों से लेकर डिजिटल विरासत प्रलेखन तक संस्कृति और सामग्री को रोजगार तथा निर्यात में परिवर्तित करने के स्पष्ट इरादे को दर्शाता है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता-एआई को एक स्वतंत्र विषय के बजाय अंतर-क्षेत्रीय शक्ति गुणक के रूप में स्थापित किया गया है। बजट ने शासन, कृषि, शिक्षा और कौशल विकास में एआई को अपनाने को बढ़ावा देकर इसको गति प्रदान की, जिसमें किसानों के लिए सक्षम सलाहकार उपकरणों के प्रस्ताव और शिक्षा पाठ्यक्रम में एआई का एकीकरण शामिल है। आयकर अधिनियम, 2025 के साथ एक बड़ा संरचनात्मक सुधार आया है, जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी है, जिसमें सरल नियम और पुनर्रचित प्रपत्र शामिल हैं।

बजट 2026 ने व्यक्तियों के लिए अनुपालन में राहत प्रदान की, जिसमें रिटर्न संशोधित करने की समय सीमा को पहले के 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करना, आयकर रिटर्न की देय तिथियों को अलग-अलग करना और डिपॉजिटरी के माध्यम से फॉर्म 15G/15H को आसानी से दाखिल करना शामिल है। घरेलू विनिर्माण, ऊर्जा परिवर्तन और जीवनयापन में सुगमता पर स्पष्ट ध्यान केंद्रित करते हुए सीमा शुल्क युक्तिकरण को जारी रखा गया है। लिथियम-आयन बैटरी, महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण, परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं और विमान निर्माण में उपयोग होने वाली पूंजीगत वस्तुओं के लिए छूट का विस्तार किया गया है या नई छूटें शुरू की गई हैं।

निजी उपयोग की वस्तुओं पर शुल्क 20% से घटाकर 10% करने से व्यक्तिगत आयात सस्ता हो जाएगा। कैंसर की 17 प्रकार की दवाओं और कुछ दुर्लभ बीमारियों के उपचारों को सीमा शुल्क से छूट दी गई है। प्रक्रिया सुधारों का उद्देश्य विश्वास-आधारित, तकनीक-संचालित मंजूरी, माल की आवाजाही में तेजी लाना और अनुपालन लागत को कम करना है, विशेष रूप से निर्यातकों और लघु एवं मध्यम उद्यमों-एम. एस.एम.ई. के क्षेत्र में तेजी लाना है।