लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में प्रदेश की 8 सीटों पर 26 अप्रैल को मतदान होना है। इसमें बागपत की महत्वपूर्ण सीट भी शामिल है। लंबे समय तक पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के प्रभाव वाली इस सीट पर इंडिया गठबंधन की तरफ से सपा ने अमरपाल शर्मा को मैदान में उतारा है, जबकि एनडीए की तरफ से यह सीट राष्ट्रीय लोकदल के खाते में गई है और उसने राजकुमार सांगवान को उम्मीदवार बनाया है। वहीं बसपा ने प्रवीण बंसल को मैदान में उतारा है।
बागपत लोकसभा सीट पर 9 लाख 70 हजार 210 मतदाता 26 अप्रैल को 6 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें 5 लाख 27 हजार 802 पुरुष मतदाता और 4 लाख 42 हजार 372 महिला मतदाता है, जबकि 34 अन्य मतदाता भी शामिल हैं। इस सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की फैमिली का दबदबा रहा है। बागपत से इस परिवार के सदस्य 9 बार सांसद चुने गए हैं लेकिन पिछले 10 वर्ष से इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है। इस बार भाजपा और रालोद गठबंधन के बाद बागपत सीट पर समीकरण बदल गए हैं। गठबंधन के बाद रालोद के हिस्से आयी इस सीट पर रालोद ने डॉ. राजकुमार सांगवान को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है। इस सीट पर सपा ने पहले पुराने कार्यकर्ता मनोज चौधरी को टिकट दिया था, लेकिन भाजपा-रालोद गठबंधन के बाद सपा ने मनोज चौधरी का टिकट काट साहिबाबाद के पूर्व विधायक पंडित अमरपाल सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं बसपा ने प्रवीण बंसल को टिकट दिया है। सभी दलों ने अपने प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार तेज कर दिया है।