संत रविदास जयंती पूरे देश में मनाई जा रही है। वे 14वीं शताब्दी के संत और उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन के संस्थापक थे। यह जयंती हिंदू पंचांग के अनुसार माघ महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस दिन श्रद्धालु वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित श्री गुरु रविदास जन्मस्थान मंदिर में उनकी जयंती मनाने के लिए एकत्रित होते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में राष्ट्रपति ने कहा कि समानता और सद्भाव पर आधारित गुरु रविदास का संदेश समाज के लिए प्रेरणा का शाश्वत स्रोत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि त्याग और तपस्या के मार्ग पर चलकर गुरु रविदास ने जाति और धर्म के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए। राष्ट्रपति ने नागरिकों को गुरु रविदास की सेवा और भक्ति पर आधारित शिक्षाओं को अपनाने और एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुरु रविदास के विचार, न्याय और करुणा की भावना सर्वोपरि थी, जो जन कल्याण के लिए सरकार की योजनाओं की आधारशिला है। श्री मोदी ने कहा कि गुरु रविदास द्वारा प्रज्ज्वलित सामाजिक सद्भाव और मेलजोल का दीपक देशवासियों के मार्ग को सदा प्रकाशित करता रहेगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने संत रविदास की जयंती पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि संत रविदास ने एक कवि के रूप में भक्ति आंदोलन को आगे बढ़ाया। एक समाज सुधारक के रूप में उन्होंने लोगों को भेदभाव मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया। श्री शाह ने कहा कि उनकी शिक्षाएं भक्ति का सच्चा सार प्रस्तुत करती हैं।