रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मानव जाति के सर्वांगीण विकास के लिए विज्ञान के अनुप्रयोग पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि विज्ञान में प्रगतिशील विकास, आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। हैदराबाद के गाचीबाउली स्टेडियम में आज युवाओं, मुख्य रूप से विद्यार्थियों की विशाल सभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने यह बात कही। उन्होंने भावी युवा पीढ़ी के लिए स्वस्थ वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र पर जोर दिया और युवा पीढ़ी से वैज्ञानिक सोच अपनाने की अपील की। श्री सिंह ने कहा कि सरकार वैज्ञानिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इससे पहले रक्षा मंत्री ने गाचीबाउली स्टेडियम में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित रक्षा और वैमानिकी प्रदर्शनी विज्ञान वैभव 2025 का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में भारत की रक्षा क्षमता में हाल के परीक्षित हाइपरसोनिक मिसाइल से लेकर राजसी युद्धक टैंक, अर्जुन, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी आधारित ड्रोन और रडार तथा भावी-युद्धों की पहलों का प्रदर्शन किया जा रहा है। भारत की तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करने वाले लगभग 200 स्टॉल प्रदर्शनी में लगाए गए हैं। नवीनतम रडार प्रणाली के अतिरिक्त कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें, त्वरित प्रतिक्रिया वाली सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइलें प्रदर्शन पर हैं।
तीन दिन तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का आयोजन रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डीआरडीओ ने एयरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया और डॉ. कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ यूथ एक्सीलेंस के साथ मिलकर किया है।
डीआरडीओ के लिए विज्ञान वैभव कार्यक्रम इस तरह का पहला प्रयास है, जिसके माध्यम से छात्रों और आम जनता को भारत की ताकत दिखाने की कोशिश की गई है। विभिन्न कॉलेजों के लगभग 30 हजार विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में भाग लिया है। रक्षा अनुसंधान प्रयोगशालाएं, रक्षा सार्वजनिक उपक्रम और निजी खिलाड़ी भी कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्रों के साथ रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं पर बातचीत भी होगी।