रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली में लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सिन्हा की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सिन्हा स्मृति व्याख्यान को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए, श्री राजनाथ सिंह ने उनकी अमिट विरासत की सराहना की और सभी से उनसे सीख लेने का आग्रह किया।
इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल सिन्हा का मानना था कि राष्ट्रीय सुरक्षा को केवल सशस्त्र बलों की जिम्मेदारी के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि युद्ध कला अंतरिक्ष, साइबर, सूचना और संज्ञानात्मक क्षेत्रों को शामिल करते हुए लगातार जटिल होती जा रही है, और अब काबिल सैनिकों तथा विचारशील जनरलों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है।
लेफ्टिनेंट जनरल सिन्हा सेना के सबसे उत्कृष्ट जनरलों में से एक थे। वे द्वितीय विश्व युद्ध के अनुभवी सैनिक थे जिन्होंने युद्ध के अंतिम चरण में बर्मा और इंडोनेशिया में सेवा की थी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया और 1947 में जब पाकिस्तानी आक्रमणकारियों ने जम्मू-कश्मीर पर हमला किया था, तब भारतीय सैनिकों के पहले दल का नेतृत्व किया था।