जनवरी 10, 2026 10:03 पूर्वाह्न

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भाषा संस्कृति को जीवित रखती है, हिन्दी के माध्यम से विरासत का प्रसार लक्ष्य: विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह

दुनियाभर में आज विश्व हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। विदेशों में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के इस दिवस की शुरुआत हुई थी। इसका उद्देश्य कूटनीति, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। वर्ष 2006 में आज ही के दिन नागपुर में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किया गया था। तब से हर वर्ष 10 जनवरी, विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय और विदेशों में भारतीय मिशन भी प्रतिवर्ष इस दिवस को मनाते हैं।

 

विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि भाषा संस्कृति को जीवित रखती है और इसका उद्देश्य हिन्दी भाषा के माध्यम से देश की संस्कृति और समृद्ध विरासत का प्रसार करना है। विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर कल विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में श्री सिंह ने कहा कि मंत्रालय प्रवासी भारतीयों को हिंदी से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद विश्‍व भर में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सौ से अधिक देशों के लगभग 770 संस्थानों में हिंदी भाषा पढ़ाई जाती है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का संदेश पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि हिंदी दिवस पर विश्‍व भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय हिंदी भाषा के राजदूत हैं। श्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत के विकास और बढ़ते वैश्विक प्रभाव से विश्वभर के लोगों में भारत और हिंदी के प्रति रुचि बढ़ रही है। इस अवसर पर भारत में विदेशी दूतावासों के राजदूतों और अन्य राजनयिकों ने भी भाग लिया।

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