भारत के राष्ट्रीय विद्युत पारेषण नेटवर्क ने पांच लाख सर्किट किलोमीटर-सीकेएम पार कर ली है। इसकी रूपांतरण क्षमता एक हजार चार सौ सात गीगावोल्ट एम्पीयर तक पहुंच गई है।
विद्युत मंत्रालय ने बताया कि 2014 से देश के पारेषण नेटवर्क में दो दशमलव शून्य-नौ लाख सीकेएम पारेषण लाइनों के जुड़ने से 71 दशमलव छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
मंत्रालय ने कहा कि अंतर-क्षेत्रीय विद्युत हस्तांतरण क्षमता अब एक लाख बीस हजार तीन सौ चालीस मेगावाट हो गई है। इससे एक राष्ट्र – एक ग्रिड – एक आवृत्ति की परिकल्पना साकार हुई है।
यह उपलब्धि नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण में तीव्र वृद्धि के साथ पूरे देश में विश्वसनीय, किफायती और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।