राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की दो देशों- अंगोला और बोत्सवाना की सफल यात्रा समाप्त करने के बाद वे आज नई दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगी।
बोत्सवाना की अपनी यात्रा के अंतिम दिन आज राष्ट्रपति मुर्मु बोत्सवाना द्वारा प्रतीकात्मक रूप से भारत को चीते दिए जाने का साक्षी बनी। उन्होंने बोत्सवाना में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया।
एक अलग बैठक में बोत्सवाना के उप-राष्ट्रपति नदाबा नकोसिनथी गौलाथे और अंतररार्ष्टीय संबंधों के मंत्री डॉ. फेन्यो बुटाले ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
बैठक में उपराष्ट्रपति गौलाथे और डॉ. फेन्यो बुटाले ने भारत की उल्लेखनीय विकास यात्रा की सराहना की।
राष्ट्रपति मुर्मु अंगोला की सफल यात्रा पूरी करने के बाद मंगलवार की शाम बोत्सवाना पहुँची थीं। यह किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की इन दो अफ्रीकी देशों की पहली राजकीय यात्रा थी।
इस यात्रा के कुछ महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए। कल भारत और बोत्सवाना ने स्वास्थ्य और औषधि के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इससे बोत्सवाना को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ उपलब्ध हो सकेंगी। भारत ने बोत्सवाना को एआरवी दवाइयाँ उपलब्ध कराने के अपने निर्णय की भी घोषणा की।
इससे पहले, अंगोला भारत के नेतृत्व वाली दो पहलों – अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट अलायंस-आईबीसीए और वैश्विक जैव ईंधन अलायंस- जीबीए में शामिल होने के लिए सहमत हुआ था। अंगोला और भारत ने भविष्य में सीधी उड़ानों का संचालन शुरू करने संबंधी एक हवाई सेवा समझौते पर भी बातचीत पूरी की। दोनों देशों ने स्थायी मत्स्य पालन, जलीय कृषि और समुद्री संसाधनों तथा वाणिज्य दूतावास संबंधी मामलों पर समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।