भारतीय राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के मुख्य प्रावधानों के प्रभावी होने के साथ नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड और अधिकरण के गठन का रास्ता साफ हो गया है। इससे सरकार देश की खेल प्रशासन व्यवस्था को पुनर्गठित कर सकेगी।
यह अधिनियम पिछले वर्ष अगस्त में अधिसूचित हुआ था और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इसे खेलकूद प्रशासन में सुधार के लिए ऐतिहासिक कदम बताया था। इससे ओलिम्पिक और पैरालिम्पिक समितियों और राष्ट्रीय परिसंघों सहित राष्ट्रीय खेल निकायों के प्रशासन में सुधार संभव होगा।
अधिसूचित प्रावधानों के तहत इन निकायों की कार्यकारी समितियों में सदस्यों की संख्या 15 तक समिति रहेगी और इनमें कम से कम दो खिलाड़ी शामिल होंगे। तीन सदस्यों के प्रस्तावित राष्ट्रीय खेल बोर्ड को सम्बद्धता मंजूर करने, वित्तीय स्रोतों पर निगरानी रखने और राष्ट्रीय परिसंघों को दंडित करने का अधिकार होगा।