नवम्बर 7, 2025 12:57 अपराह्न

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भारतीय बैंक एक दशक पहले की तुलना में कहीं अधिक परिपक्व हैं: आरबीआई गवर्नर

रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने कहा है कि भारतीय बैंक पिछले एक दशक की तुलना में अधिक परिपक्‍व हुए हैं। मुंबई में भारतीय स्‍टेट बैंक, बैंकिंग और अर्थव्‍यवस्‍था सम्‍मेलन-2025 को संबोधित करते हुए श्री मल्‍होत्रा ने कहा कि भारतीय स्‍टेट बैंक 2018 में नुकसान में रहने के बाद आज सौ अरब डॉलर की कंपनी बन चुका है। उन्‍होंने कहा कि 2015 में संपत्ति गुणवत्‍ता समीक्षा, त्‍वरित सुधार कार्य ढांचा, 27 सार्वजनिक बैंकों का समायोजन,बड़ी मात्रा में पूंजी लगाना, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता जैसे विनियामक उपायों ने भारत की ऋण संस्‍कृति में मूलभूत परिवर्तन लाया है।

 

इसके साथ ही उन्होंने मौद्रिक और बड़े पैमाने पर आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने के लिए किए गए प्रमुख सुधारों का भी उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि इन उपायों ने उधारकर्ताओं के बीच अनुशासन को प्रोत्‍साहित किया। श्री मल्‍होत्रा ने कहा कि भारत की वित्‍तीय व्‍यवस्‍था के संतुलित विकास के लिए दूरदर्शी नियमावली की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि आज बैंक अधिक मजबूत हैं, निरीक्षण अधिक सतर्क है और बाजार आधारित जोखिम हस्‍तांतरण तंत्र अधिक प्रभावी है।