भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारत को एक मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है। बिहार के बेगुसराय में एक जनसभा को संबोधित करते हुए श्री शाह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व के कारण देश ने कोविड महामारी से लड़ाई में सफलतापूर्वक जीत हासिल की।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर का निर्माण, धारा 370 और तीन तलाक को को समाप्त करना मजबूत नेतृत्व का प्रतीक है।
श्री शाह ने आई.एन.डी.आई गठबंधन पर देश को राजनीतिक अस्थिरता के रास्ते पर ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि इस गठबंधन के सत्ता में आने पर प्रत्येक वर्ष प्रधानमंत्री बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल गांधी, लालू प्रसाद, स्टालिन, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल जैसे कई नेता हैं।
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व के कारण भारत पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान को करारा जवाब देने में सक्षम हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे पहले यूपीए के 10 साल के शासन में बडे पैमाने पर आतंकवादी हमले हुए थे। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से आतंकवाद और नक्सलवाद को समाप्त कर दिया है।
इससे पहले, झंझारपुर के नरहिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए श्री शाह ने कांग्रेस पर पिछड़ा विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पिछड़े वर्ग पर काका साहेब कालेलकर और मंडल आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं की। श्री शाह ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल ने निहित स्वार्थ के लिए कांग्रेस से गठबंधन किया है क्योंकि लालू प्रसाद अपने बेटे को बिहार का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं और सोनिया गांधी अपने बेटे राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना चाहती हैं।