आकाशवाणी संगीत सम्मेलन का 67वां संस्करण आज से दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में संगीत कार्यक्रमों के साथ शुरू होगा। एक महीने तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान देश भर के 24 शहरों में शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। इसका आयोजन प्रसार भारती द्वारा संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि आकाशवाणी संगीत सम्मेलन की शुरूआत 1954 में हुई थी और यह भारत की प्रख्यात सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। इसमें देशभर के श्रोताओं को हिन्दुस्तानी, कर्नाटक और लोक संगीत से रूबरू होने का मौका मिलेगा। यह सम्मेलन भारत की समृद्ध संगीत परंपरा का संरक्षण करने और प्रोत्साहन देने तथा उसे लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा ।
प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने सम्मेलन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण कुछ अंतराल के बाद यह महोत्सव नए स्वरूप में लौट रहा है। इस वर्ष के सम्मेलन में प्रत्येक केंद्र पर दो कार्यक्रम होंगे। इनमें से एक भारतीय शास्त्रीय संगीत और दूसरा लोक संगीत को समर्पित होगा। पणजी और शिलांग में विशेष तौर पर पश्चिमी शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति होगी, जो भारत के संगीत की क्षेत्रीय विविधता को प्रदर्शित करेगी।