नवम्बर 4, 2025 9:10 अपराह्न

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प्रवासी भारतीय वैज्ञानिकों के पास देश के लिए योगदान करने और काम करने का विकल्प: राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह

विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि डिजिटल सहयोग उपकरणों के विकास के साथ, प्रवासी भारतीय वैज्ञानिकों के पास देश के लिए योगदान करने और काम करने का विकल्प है। डॉ. सिंह ने आज नई दिल्ली में तीन दिवसीय उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार सम्मेलन के दौरान एक गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

 

उन्होंने देश के प्रवासी वैज्ञानिकों के साथ जुड़ाव को प्रतिभा पलायन के युग के विपरित प्रतिभा पलायन मॉडल में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप शुरू करना आसान है, लेकिन इसे बनाए रखने के लिए मजबूत उद्योग साझेदारी की आवश्यकता होती है। डॉ. सिंह ने कहा कि विज्ञान की शक्ति सीमाओं से परे जुड़ने की उसकी क्षमता में निहित है।

 

प्रवासी वैज्ञानिकों से भारत के वैज्ञानिक पुनर्जागरण के राजदूत के रूप में कार्य करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इससे वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ने में सहायता मिलेगी। डॉ. सिंह ने दुनिया भर के वैश्विक भारतीय वैज्ञानिक-वैभव फेलो के साथ भी बातचीत की।