जनवरी 12, 2026 2:27 अपराह्न

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प्रधानमंत्री मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के बीच बैठक के बाद हुई कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद, भारत और जर्मनी ने रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में कई पहलों की घोषणा की है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में एक नये अध्याय की शुरूआत हुई है।

   

रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए दोनों देशों ने सह-विकास और सह-उत्पादन पर केंद्रित एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और जर्मनी केवल आर्थिक साझेदार ही नहीं हैं, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध दो राष्ट्र हैं। श्री मोदी ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर को पार कर चुका है।

 

उन्होंने कहा कि भारत-जर्मनी साझेदारी विशेष रूप से हरित ऊर्जा और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में दूरदर्शी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों राष्ट्र आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकमत हैं, जिसे उन्होंने पूरी मानवता के लिए एक गंभीर खतरा बताया। जर्मनी के चांसलर मर्ज़ ने कहा कि नौसेना और वायुसेना के संयुक्त अभ्यासों में वृद्धि सहित गहरे सैन्य संबंध, भारत को अपनी रक्षा निर्भरताओं में विविधता लाने में मदद करेंगे।

   

दोनों नेताओं ने आर्थिक मोर्चे पर आगे की वृद्धि को गति देने के लिए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

   

भारत और जर्मनी के नेताओं के बीच चर्चा का प्रमुख केंद्र कौशल विकास और प्रवासन था। जर्मनी में भारतीय स्वास्थ्य पेशेवरों और कुशल श्रमिकों के लिए अवसरों को सुगम बनाने के लिए एक नया ढांचा स्थापित किया गया, जहां आईटी और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में मांग अधिक बनी हुई है। नवाचार के क्षेत्र में, दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र की शुरुआत की और आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस और हरित अमोनिया उत्पादन में सहयोग को मजबूत किया।

   

 

अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए, जर्मन समुद्री संग्रहालय के सहयोग से लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के विकास के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। वैश्विक मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्त्‍ज़ ने यूक्रेन की स्थिति और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों की तत्काल आवश्यकता पर चर्चा की।

 

श्री मर्ज़ ने ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति पर भी बात की और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा का आह्वान किया। दोनों नेताओं ने सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखलाओं और एक स्थिर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के निर्माण के अपने दृढ़ संकल्प को दोहराया।