जनवरी 10, 2026 5:27 अपराह्न

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नई दिल्ली में शुरू हुआ 53वां विश्व पुस्तक मेला 2026

53वां नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 आज राष्ट्रीय राजधानी में शुरू हो गया। नौ दिनों तक चलने वाले इस मेले में 35 से अधिक देशों के एक हजार से अधिक प्रकाशक भाग ले रहे हैं। इस आयोजन का उद्घाटन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया।

    अपने संबोधन में  प्रधान ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान का वाहक हैं जो पीढ़ियों को जोड़ती हैं, सभ्यताओं की स्मृतियों को संजोती हैं और समाज को दिशा देती हैं। उन्होंने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले को देश की पठन संस्कृति का सबसे बड़ा सार्वजनिक उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक मेला विश्वभर के प्रकाशकों के लिए एक प्रतिष्ठित और विश्वसनीय मंच बन गया है।

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि डिजिटल समय में सरकार की प्राथमिकता ज्ञान को सुलभ और समावेशी बनाना है, जहां भाषा बाधा नहीं बल्कि सेतु का काम करे। उन्होंने बताया कि मेले में मौजूद राष्ट्रीय ई-पुस्तकालयों के माध्यम से 23 से अधिक भाषाओं में छह हजार से अधिक मुफ्त ई-पुस्तकें उपलब्ध होंगी। इनमें टेक्स्ट-टू-स्पीच जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। संवाददाताओं से बातचीत में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं में पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करने की सरकार की प्राथमिकता पर जोर दिया।

    इस वर्ष पुस्तक मेले का विषय है भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य और ज्ञान @75 । थीम मंडप मुख्य आकर्षण है। इस मंडप में सैन्य इतिहास पर पांच सौ से अधिक पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं और सौ से अधिक थीम-आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुस्तक मेला 18 जनवरी तक चलेगा।