दिल्ली पुलिस ने आज पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई जारी रखी। कार्रवाई को सुचारू रूप से जारी रखने और सुरक्षा व्यवस्था बरकरार रखने के लिए सुरक्षा बल मौके पर तैनात रहें। इस दौरान संयुक्त उपायुक्त मधुर वर्मा और मध्य दिल्ली के उपायुक्त निधिन वलसन समेत दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और क्षेत्र में सुरक्षा इंतज़ामों का आकलन किया।
मीडिया से बातचीत में उपायुक्त वलसन ने अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान हुए पथराव से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की जांच कर आज छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, कल गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों को उच्च न्यायालय ने एक दिन की न्यायिक हिरासत के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि मस्जिद पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इसके अतिरिक्त, पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मस्जिद तोड़ने की भ्रामक खबरों को कुछ दिनों से वाट्सएप जैसे माध्यमों से फैलाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय जिले के साथ-साथ उत्तरी जिले के पुलिस अधिकारियों ने अमन बैठक के अंतर्गत स्थानीय लोगों से बातचीत की है, ताकि उनकी समस्याएं सुन सकें और झूठी खबरों का खंडन हो।
इस बीच, दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि न्यायालय ने इस कार्रवाई का आदेश जामा मस्जिद क्षेत्र के कुछ गैर-सरकारी संगठनों की याचिका के आधार पर दिया था। इसके बाद कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के लिए ज़िम्मेदार संबंधित एजेंसियों को जांच करने का निर्देश दिया। मंत्री सूद ने कहा कि इस कार्रवाई से यातायात की समस्याएं दूर होगी और स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।