दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने आज कृषि भूमि पर सौर संयंत्र लगाने की प्रक्रियाओं को सरल बनाने की घोषणा की। दिल्ली के मंत्री सूद ने बताया कि नए निर्देश के तहत हरित ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को दिल्ली विद्युत नियामक आयोग के वर्चुअल और ग्रुप नेट मीटरिंग विनियमों का लाभ मिलेगा, जिससे किसान ग्रिड में दी गई बिजली का आर्थिक लाभ उठा सकेंगे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि किसान अब अपने खेतों में ऊपर सौर ऊर्जा सयंत्र से सौर ऊर्जा का उत्पादन करते हुए नीचे परंपरागत खेती जारी रखकर दोगुनी आय कमा सकेंगे। ऊर्जा मंत्री सूद ने कहा की यह सुधार दिल्ली को सोलर हब में बदलने की व्यापक रणनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।