मई 11, 2024 7:32 अपराह्न

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जांजगीर-चाम्पा जिले के रामलाल बरेठ को कत्थक नृत्य के क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले के रामलाल बरेठ को कत्थक नृत्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। रामलाल बरेठ का जन्म छह मार्च उन्नीस सौ छत्तीस को हुआ था। श्री बरेठ की कत्थक नृत्य की शिक्षा पांच साल की उम्र में अपने पिता के सानिध्य में शुरू हो गई थी। पंडित रामलाल बरेठ नृत्य के अलावा तबला वादन और गायन में भी पारंगत हैं। तबला वादन की शिक्षा अपने पिता पंडित कार्तिकराम और पंडित जयलाल महाराज से ली और गायन की शिक्षा अपने पिता और उस्ताद हाजी मोहम्मद खां बांदावाले से ली है। उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन पूरे देश में अनेक स्थानों पर किया है। वे सतहत्तर वर्षों से कला साधना कर रहे हैं।
गौरतलब है कि रामलाल बरेठ और उनके पिता कार्तिकराम बरेठ, रायगढ़ राजघराने से जुड़े रहे और वहां कत्थक नृत्य सिखाते रहे। वे रायगढ़ के चक्रधर संगीत विद्यालय से भी जुड़े रहे। इससे पहले भी उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं।