जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल सतत आपूर्ति और रखरखाव पर नई दिल्ली में मंत्री-स्तरीय नीति संवाद आयोजित किया गया। चर्चा में सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल की निरंतर आपूर्ति के लिए मज़बूत संस्थागत प्रणाली, आवश्यक वित्तपोषण, सशक्त स्थानीय सरकारें और सुदृढ़ डिजिटल निगरानी तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया गया। पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए ग्राम पंचायतों के साथ दीर्घकालिक समन्वय और रखरखाव ढ़ांचे पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग चक्र के दौरान जल जीवन मिशन की परिचालन आवश्यकताएं औपचारिक रूप से पूरी होनी चाहिए। उन्होंने ग्राम जल और स्वच्छता समितियों के गठन और उन्हें मज़बूत बनाने, मज़बूत निगरानी प्रणाली और बुनियादी अवसंरचना के साथ ही संचालन तथा रखरखाव पर समान रूप से ध्यान देने की आवश्यकता जताई। जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने अपने संबोधन में संधारणीयता और उत्तरदायित्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि मिशन के अगले चरण में कार्यान्वयन अनुशासन और बुद्धिमतापूर्ण वित्तीय प्रबंधन पर ज़ोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद राज्यों को वित्तीय राशि जारी की जाएगी, जिसमें प्रत्येक योजना की विशिष्ट योजना आईडी द्वारा निगरानी होगी और 15 दिनों तक लगातार जलापूर्ति प्रदर्शन के अनुसार भविष्य में फंड जारी होंगे। संवाद में फिर से पुष्टि की गई कि जल जीवन मिशन के तहत पेयजल प्रदान करना भारत के संवैधानिक और प्रशासनिक ढांचे के अनुरूप है जिसमें दीर्घकालिक सेवा वितरण के केंद्र में ग्राम पंचायतें और सामुदायिक संस्थान हैं।
News On AIR | जनवरी 28, 2026 7:20 पूर्वाह्न
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल सतत आपूर्ति और रखरखाव पर नई दिल्ली में संवाद आयोजित किया गया