थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आज कहा कि भविष्य में युद्ध भूमि, वायु, समुद्री, अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्रों में एकीकरण, नवाचार और अनुकूलनशीलता द्वारा परिभाषित होंगे। नई दिल्ली में कैवलरी सेमिनार के दूसरे दिन श्री द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना 2032 तक बहु-क्षेत्रीय अभियानों की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। उन्होंने आगे बताया कि सेना बेहतर निर्णय लेने और परिचालन तालमेल के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता- एआई, ड्रोन और डेटा एनालिटिक्स का भी उपयोग कर रही है। सेना प्रमुख ने गतिशील सुरक्षा वातावरण में परिचालन श्रेष्ठता प्राप्त करने के लिए तकनीकी उत्कृष्टता और नागरिक-सैन्य एकीकरण के माध्यम से परिवर्तन को बनाए रखने का भी आह्वान किया।
कैवलरी ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार, प्रौद्योगिकी-संचालित और अनुकूलनीय यंत्रीकृत बल के निर्माण की दिशा में भारतीय सेना के सामूहिक दृष्टिकोण की पुष्टि की।