जनवरी 26, 2026 2:57 अपराह्न

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ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अशोक चक्र से सम्मानित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सशस्त्र बलों के 70 कर्मियों के लिए वीरता पुरस्कारों की घोषणा की है। इनमें छह पुरस्‍कार मरणोपरांत दिए जायेंगे। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र जाने में पहले भारतीय बनने का इतिहास रचने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा।

   

मेजर अर्शदीप सिंह, नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा सिंह और ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर को कीर्ति चक्र दिया जाएगा। सशस्त्र बलों के कर्मियों को 13 शौर्य चक्र, इनमें एक मरणोपरांत दिया जायेगा, एक वीरता बार -2 सेना पदक, 44 वीरता सेना पदक जिनमें पांच मरणोपरांत, छह वीरता नौसेना पदक और दो वीरता वायु सेना पदक दिये जायेंगे।

   

राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों और अन्य कर्मियों के लिए 301 सैन्य पदकों की भी स्वीकृति दी है। इनमें 30 परम विशिष्ट सेवा पदक, चार उत्तम युद्ध सेवा पदक, 56 अति विशिष्ट सेवा पदक, नौ युद्ध सेवा पदक, सेना पदक के दो विशिष्ट बार, 43 विशिष्ट सेना पदक, आठ विशिष्ट नौ सेना पदक, 14 विशिष्ट वायु सेना पदक और 135 विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं।

   

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने सशस्त्र बल कर्मियों के लिये 98 प्रशस्ति पत्रों की स्वीकृति दी।   जिनमें पांच मरणोपरांत दिए जायेंगे। इनमें भारतीय सेना के 81 पदक शामिल हैं, जिनमें ऑपरेशन रक्षक के लिए 17, ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के लिए 11, ऑपरेशन हिफाजत के लिए 11, ऑपरेशन ऑर्किड के लिए पांच, ऑपरेशन मेघदूत के लिए दो, ऑपरेशन राइनो के लिए एक, ऑपरेशन सिंदूर के लिए दो और बचाव अभियान के लिए तीन पदक शामिल हैं।

 

हताहतों को निकालने की कार्रवाई के लिए चार, ऑपरेशन सोफैन के लिए एक और विविध अभियानों के लिए 24 पदक जिनमें तीन मरणोपरांत दिये जाने हैं, भारतीय नौसेना के लिए 15 और सीमा सड़क विकास बोर्ड कर्मियों के लिए दो मरणोपरांत पदक शामिल है।