रूस ने ट्रंप प्रशासन द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की धमकियों को असाधारण बताते हुए कहा है कि वह स्थिति पर नज़र बनाए रखेगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के नज़रिए से यह स्थिति असामान्य है। पेस्कोव की यह टिप्पणी अमरीका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच आर्कटिक द्वीप के भविष्य को लेकर हुई बातचीत के तुरंत बाद आई है।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तीन जनवरी को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के सैन्य अभियान के बाद से ही डेनमार्क के स्वशासित क्षेत्र ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात कर रहे हैं। डॉनल्ड ट्रंप के अनुसार अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की ज़रूरत है और केवल अमरीका ही रूस और चीन से ग्रीनलैंड को कथित खतरे का मुकाबला कर सकता है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि यह अस्वीकार्य है और उन्होंने पश्चिम पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
इस बीच, नाटो के कई सदस्य देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए ग्रीनलैंड में अपने सैनिक तैनात किए हैं। ग्रीनलैंड की रक्षा के लिए जिम्मेदार डेनमार्क, जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और नॉर्वे ने संयुक्त अभ्यास ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस में भाग लेने की पुष्टि की है।