केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि भारत की चक्रीय अर्थव्यवस्था़, वर्ष 2050 तक दो लाख करोड़ डॉलर से अधिक का बाजार मूल्य और लगभग एक करोड़ नौकरियां सृजित कर सकती है। जयपुर में आज एशिया और प्रशांत क्षेत्र में 12वें क्षेत्रीय थ्री–आर और सर्कुलर इकॉनोमी फोरम के संबोधन में श्री यादव ने यह बात कही।
उन्होंने बेहतर भविष्य के लिए थ्री–आर यानी रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल पर जोर दिया। श्री यादव ने कहा कि उत्पादन प्रणाली, चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए।