दिसम्बर 3, 2025 7:19 अपराह्न

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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली-NCR में प्रदूषण से निपटने के लिए उच्च-गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया

केन्‍द्रीय, पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्‍द्र यादव ने कहा है कि दिल्‍ली में उच्‍च वायु प्रदूषण गुणवत्‍ता सूचकांक के बारे में सरकार चिंतित है और प्रदूषण के दुष्‍प्रभावों को कम करने के कई कदम उठा रही है। वे आज राज्‍यसभा में मणिपुर में जल प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण संशोधन अधिनियम, 2024 अपनाने के लिए एक वैधानिक प्रस्‍ताव पर चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्‍होंने कहा कि संबंधित पक्षों के साथ कई बैठकें की गई जिसके बाद दिल्‍ली से सटे राज्‍यों में पराली जलाने मे कमी आई। उन्‍होंने कहा कि 2016 के बाद से पराली जलाए जाने में 90 प्रतिशत की कमी आई है। श्री यादव ने कहा कि वन के प्रमुख क्षेत्र की रक्षा के लिए भारत ने बहुत काम किया है।

चर्चा में भाग लेते हुए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अयोध्‍या रामी रेड्डी अल्‍ला ने कहा कि वैधानिक ढांचे में केवल सतह के जल को नहीं बल्कि, भू-जल को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि भूजल राज्‍यों का विषय है और केवल कुछ ही राज्‍यों ने इसे नियंत्रित करने का कानून पारित किया है। उन्‍होंने कहा कि राज्‍यों में भूजल की अधिक निगरानी की जरूरत है।

डीएमके के पी विल्‍सन ने देश में प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों का उल्‍लेख किया। उन्‍होंने तमिलनाडु में जल के फ्लोराइड से दूषित होने के बारे में बताया। उन्‍होंने मणिपुर में विधानसभा चुनाव कराने की भी मांग की।

कांग्रेस के नीरज डांगी ने मणिपुर में लोकतक झील में बढ़ते प्रदूषण स्‍तर का जिक्र किया। तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव ने कहा कि जल प्रदूषण अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण विषय है और एक सांसद के रूप में इसका हल निकालना सभी की जिम्‍मेदारी है। शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट की प्रियंका चतुर्वेदी ने मणिपुर में राष्‍ट्रपति शासन और राज्‍य विधानसभा के निलम्‍बन का मुद्दा उठाया। उन्‍होंने कहा कि प्रदूषण एक गंभीर मुद्दा है और इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

चर्चा के बाद सदन ने मणिपुर में जल प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण संशोधन अधिनियम, 2024 से जुड़े वैधानिक प्रस्‍ताव का ध्‍वनि मत से अनुमोदन कर दिया।