कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पार्टी पर विकसित भारत जी राम जी अधिनियम को लेकर देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
नई दिल्ली में श्री चौहान ने कहा कि मनरेगा के तहत कांग्रेस द्वारा दिए गए अधिकार केवल कागजों तक ही सीमित रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने विचारों, विचारधारा और आदर्शों को त्याग दिया है और देश के विकास या गरीबों के कल्याण से उसका कोई लेना-देना नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह अधिनियम पूरे देश में लागू होगा और प्रत्येक ग्राम पंचायत इसके दायरे में आएगी।
श्री चौहान ने कहा कि विकसित भारत जी राम जी अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कम से कम 125 दिनों का मजदूरी रोजगार सुनिश्चित किया गया है। इससे पहले मनरेगा में सौ दिनों का रोजगार मिलता था।
कृषि मंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत 10 करोड़ संपत्तियां सृजित की गई, जिनमें से साढ़े आठ करोड़ संपत्तियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सृजित की गई हैं। चौहान ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी राम जी अधिनियम में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं, दिव्यांगजनों और गरीबों को प्राथमिकता दी गई है। श्री चौहान ने यह भी बताया कि नए अधिनियम में निर्धारित समय के भीतर रोजगार न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है।