उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज जैन पांडुलिपियों के संरक्षण में सरकार के ज्ञानभारतम मिशन की सराहना की और प्राकृत को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के कदम की सराहना की। श्री राधाकृष्णन नई दिल्ली में आचार्य हंसरत्न सूरीश्वरजी महाराज के आठवें 180 उपवास पारणा समारोह को संबोधित कर रहे थे। उपराष्ट्रपति ने शांति और वैश्विक मान्यता में जैन धर्म के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि जैन धर्म का तमिल साहित्य और संस्कृति पर ऐतिहासिक प्रभाव रहा है।
Site Admin | नवम्बर 8, 2025 8:28 अपराह्न
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने ज्ञानभारतम मिशन की सराहना की