उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर इसका स्मरण किया है। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री राधाकृष्णन ने वंदे मातरम को एक ऐसा शाश्वत गान बताया जिसने राष्ट्रवाद की भावना को जागृत किया और पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि वंदे मातरम भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में उभरा, जिसने पूरे देश में देशभक्ति की भावना को फिर से जगाया और सभी क्षेत्रों, भाषाओं और धर्मों के लोगों को भक्ति और साहस के एक स्वर में एकजुट किया। उपराष्ट्रपति ने आशा व्यक्त की कि वंदे मातरम के अमर शब्द प्रत्येक भारतीय को समृद्ध और सामंजस्यपूर्ण राष्ट्र के निर्माण में देशभक्ति, अनुशासन और समर्पण के आदर्शों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।