नवम्बर 7, 2025 8:49 अपराह्न

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उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में संशोधन पर नई दिल्ली में चिंतन शिविर आयोजित

 

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने आज नई दिल्ली में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 में संशोधन पर चिंतन शिविर का आयोजन किया।

 

मंत्रालय ने बताया कि विचार-विमर्श उपभोक्ता संरक्षण ढांचे को मजबूत करने और उपभोक्ता शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निवारण सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहा। उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में मामलों के निपटारे के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है, जो नियमित मामलों के लिए तीन महीने और परीक्षण या विश्लेषण की आवश्यकता वाले मामलों के लिए पाँच महीने है।

 

उन्होंने यह भी आग्रह किया कि कोई भी मामला छह महीने से अधिक लंबित न रहे, जो समय पर उपभोक्ता न्याय पर सरकार के फोकस को दर्शाता है। उन्होंने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, ई-फाइलिंग और डिजिटल शिकायत निवारण जैसी पहल के साथ-साथ बेहतर डिजिटल दक्षता और पारदर्शिता के लिए ई-जागृति पहल के माध्यम से उपभोक्ता संरक्षण में प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग पर भी बल दिया।

 

    इस अवसर पर राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप साही भी उपस्थित थे।