नवम्बर 5, 2025 4:48 अपराह्न

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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालन के दिशानिर्देशों का किया अनावरण

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आज नई दिल्ली में भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालन के दिशानिर्देशों का अनावरण किया। ये दिशानिर्देश विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षित, समावेशी और ज़िम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपनाने को सुनिश्चित करने का व्यापक ढांचा हैं। इन दिशानिर्देशों का अनावरण भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन की उपस्थिति में किया।

इस अवसर पर प्रोफेसर सूद ने कहा कि इस ढांचे की मूल भावना को परिभाषित करने वाला मार्गदर्शक सिद्धांत है, किसी को नुकसान न पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि भारत नवाचार के लिए सैंडबॉक्‍स यानि उप-प्रणाली बनाने और एक सुगम, अनुकूल प्रणाली के भीतर जोखिम कम से कम करने पर ध्यान केंद्रित करता है। प्रोफेसर सूद ने कहा कि भारत एआई मिशन इस व्‍यवस्‍था को सक्षम बनाएगा और कई देशों को प्रेरित करेगा।

इन दिशानिर्देशों में अत्याधुनिक नवाचार को प्रोत्‍साहन देने और एआई को सुरक्षित रूप से विकसित तथा लागू करने के मज़बूत शासन ढाँचे का प्रस्ताव है। यह वर्ष 2026 में होने वाले भारत-एआई इम्पैक्ट समिट से पहले एक महत्वपूर्ण उपलब्‍धि‍ भी है, क्योंकि भारत दायित्‍वपूर्ण एआई प्रशासन में अपने नेतृत्व को मज़बूत कर रहा है।

इस कार्यक्रम में खनिजों का पता लगाने के लिए इंडिया-एआई हैकथॉन के विजेताओं की भी घोषणा की गई। यह हैकथॉन इंडिया-एआई मिशन के अनुप्रयोग विकास स्तंभ के अंतर्गत खान मंत्रालय के अधीन भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस हैकथॉन का उद्देश्य भूवैज्ञानिक, भूभौतिकीय, भू-रासायनिक और सुदूर संवेदन डेटा का विश्लेषण करके खनिज पूर्वानुमान को आगे बढ़ाने में एआई और मशीन लर्निंग का लाभ उठाना था।