आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज कहा कि मेट्रो कनेक्टिविटी के मामले में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है। गुरुग्राम में 18वें शहरी गतिशीलता भारत सम्मेलन और प्रदर्शनी में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का मेट्रो नेटवर्क 1100 किलोमीटर से अधिक हो गया है, जिसमें आईआरसीटीसी से जुड़े मार्ग भी शामिल हैं। इस उपलब्धि के साथ भारत अब मेट्रो कनेक्टिविटी में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान भूमिगत पाइपलाइन कनेक्टिविटी परियोजना के पूरा होने के बाद भारत अमरीका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन जाएगा। आगामी शहरी बुनियादी ढाँचे के प्रयासों पर बल देते हुए उन्होंने बताया कि दिल्ली में जल्द ही पारगमन-उन्मुख विकास नीति शुरू की जाएगी। इस नीति के तहत हरियाणा में सफलतापूर्वक लागू किए गए मॉडल के समान, मेट्रो स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में आवासीय परियोजनाएँ विकसित की जाएँगी।
श्री मनोहर लाल ने यह भी घोषणा की कि सरकार यातायात की चुनौतियों से निपटने के लिए दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में पॉड टैक्सी, एयर टैक्सी और रोपवे परिवहन प्रणाली शुरू करने पर काम कर रही है।
मेट्रो सेवाओं के सकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव पर बल देते हुए श्री लाल ने बताया कि पिछले एक वर्ष में ही दिल्ली के वायु प्रदूषण के स्तर में 17 लाख पार्टिकुलेट मैटर यूनिट की कमी आई है। उन्होंने कहा कि मेट्रो प्रणाली ने नागरिकों को सालाना लगभग 27 करोड़ घंटे बचाने में मदद की है और लगभग दो लाख 50 हजार लीटर डीज़ल की भी बचत हुई है।